सिमरन सिंह
छठ पर्व में पुरुष और महिलाएं दोनों ही समान रूप से भाग लेते हैं।
यह पर्व सूर्य देवता की पूजा और आस्था का प्रतीक है।
पुरुष व्रत में नदी या तालाब के किनारे सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
पुरुष भी व्रत में शुद्धता और पवित्रता का पालन करते हैं।
कठिन उपवास रखते हैं और केवल फलाहार करते हैं।
यह पर्व सामूहिकता और एकता से मिलकर पूजा-अर्चना के लिए बनाया गया है।
पुरुषों का छठ व्रत रखना उनकी आस्था और समर्पण को दर्शाता है।
इस प्रकार छठ पर्व में पुरुषों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होती है।