अंकिता पटेल
रंगोली के बीच में कलश का आकार बनाएं और उसके ऊपर नारियल व आम के पत्तों की आकृति जोड़ें। लाल, पीले और हरे रंग से डिजाइन को उभारें। यह पैटर्न पूजा स्थल या चौकी के पास बनाने के लिए अच्छा विकल्प है।
कलश के नीचे गुलाबी या लाल कमल की पंखुड़ियां बनाएं। बीच में कलश और उसके चारों ओर छोटे फूल या बिंदियां जोड़ें। कमल और कलश का मेल रंगोली को पारंपरिक रूप देता है।
बीच में कलश बनाकर उसके चारों ओर बराबर दूरी पर छोटे दीपक बनाएं। पीले, नारंगी और लाल रंगों से लौ और दीये सजाएं। असली दीये पास रखें तो रंगोली के पाउडर और सजावटी सामग्री से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
पहले एक बड़ा गोल घेरा बनाएं और उसके बीच में कलश उकेरें। घेरे के किनारे पत्तियों, बिंदियों और छोटी ज्यामितीय आकृतियों से सजावट करें। गोल डिजाइन पूजा चौकी के आसपास संतुलित दिखाई देता है।
कलश के पास स्वास्तिक की आकृति बनाएं और चारों ओर छोटे फूल या दीपक जोड़ें। रंगों को सीमित रखें, ताकि दोनों प्रतीक साफ दिखाई दें। धार्मिक चिह्न बनाते समय उनका आकार और दिशा ध्यान से रखें।
कलश के दोनों ओर मोरपंख से प्रेरित घुमावदार आकृतियां बनाएं। नीले, हरे और सुनहरे रंगों से बॉर्डर को उभारें। यह डिजाइन पारंपरिक कलश को कलात्मक और रंगीन रूप देता है।
रंगोली पाउडर की जगह गेंदे की पंखुड़ियों और हरी पत्तियों से कलश का आकार बनाएं। बीच में नारियल की आकृति और चारों ओर फूलों की छोटी पंखुड़ियां सजाएं।
लाल या पीले बेस पर सफेद रंग से कलश की साफ रेखाएं बनाएं। नारियल, पत्तियों और छोटे बिंदुओं की डिटेलिंग जोड़ें। कम रंगों वाला यह पैटर्न छोटी जगह या सरल सजावट पसंद करने वालों के लिए उपयुक्त है।
कलश को बीच में रखकर उसके चारों ओर चौकोर बॉर्डर बनाएं। बॉर्डर के कोनों में फूल या छोटे दीपक जोड़ें। लाल, हरे और पीले रंगों का संतुलित मेल इसे पूजा स्थल के लिए आकर्षक बनाता है।
बड़े कलश के चारों ओर मंडला-प्रेरित पंखुड़ियां, बिंदियां और घुमावदार रेखाएं बनाएं। पहले हल्की पेंसिल या चॉक से रूपरेखा तैयार करें, फिर रंग भरें। बड़ा पैटर्न बनाने के लिए समतल जगह चुनें।