अनिल सिंह
तमिलनाडु और पुदुचेरी में गुलाबी रंग की कॉटन कैंडी के बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
गुलाबी रंग के लिए कॉटन कैंडी में जिस केमिकल का उपयोग किया जाता है उसका नाम है रोडामाइन बी और ये जहरीला रसायन है।
यह केमिकल कपड़ा, काग़ज और चमड़ा उद्योगों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन खाद्य पदार्थों में इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।
FSSAI के प्रतिबंध के बावजूद रोडामाइन बी का इस्तेमाल कॉटन कैंडी बनाने में धड़ल्ले से किया जा रहा है।
जानें क्या होता है रोडामाइन बी और उसकी केमिकल संरचना
रोडामाइन बी का खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल प्रतिबंधित है और फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के तहत दंडनीय अपराध है।
कॉटन कैंडी के आलावा रोज़ मिल्क, सुगंधित सुपारी और रतालू में रोडामाइन बी का इस्तेमाल किया जाता है। इन उप्तादों को खरीदते वक्त जरूर ध्यान रखें।
बिना कृत्रिम रंग का इस्तेमाल कर बनाई गई कैंडी सुरक्षित है और उस पर बैन नहीं है।
रोडामाइन बी कार्सिनोजेनिक और म्यूटाजेनिक है। जिसे कैंसर का कारक मन जाता है। इससे त्वचा के रोग और किडनी को नुकसान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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अगर आप और आपके बच्चे भी गुलाबी रंग के कॉटन कैंडी के शौक़ीन हैं तो आपको भी सतर्क रहने की जरूरत है।