सुनीता पांडे
शहतूत में सायनाइडिंग 3-ग्लूकोसाइड नामक फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाया जाता है, जो न केवल रक्त को शुद्ध करता है बल्कि रक्त परिसंचरण में भी सुधार करता है।
शहतूत के सेवन से न सिर्फ खून में मौजूद अशुद्धियां दूर होती हैं, बल्कि रक्त संचार की प्रक्रिया को भी नियंत्रित किया जा सकता है।
शहतूत में साइटोप्रोटेक्टिव और न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव पाए जाते हैं। ये दोनों मिलकर मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में शहतूत का सेवन बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
शहतूत में मौजूद हाइपरग्लाइसेमिक गुण शरीर में इंसुलिन की सक्रियता को बढ़ा सकते हैं और ब्लड शुगर की अतिरिक्त मात्रा को कम करने में सहायक होते हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए शहतूत का सेवन एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
शहतूत की पत्तियों में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन के लिए जरूरी होते हैं। बिगड़ी हुई पाचन शक्ति को ठीक करने के लिए शहतूत के कच्चे फलों से बने चूर्ण का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है।