सिमरन सिंह
रेल यात्रा के दौरान ज्यादातर लोग बोगियों पर ध्यान देते हैं, लेकिन इंजन का रंग भी कई अहम जानकारियां देता है।
भारतीय रेलवे में इंजन के अलग-अलग रंग उसकी पहचान और उपयोग को आसान बनाने के लिए रखे जाते हैं।
लाल इंजन का इस्तेमाल आमतौर पर पैसेंजर, मेल और मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ किया जाता है।
नीला इंजन अक्सर सुपरफास्ट, राजधानी और दूरंतो जैसी तेज रफ्तार ट्रेनों में देखा जाता है।
सफेद रंग का इंजन इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव होता है। यह बिजली से चलता है और ज्यादा शक्तिशाली माना जाता है।
पीले इंजन का इस्तेमाल यात्रियों की ट्रेन खींचने के लिए नहीं होता। इसे रेलवे ट्रैक की मरम्मत, रखरखाव और निरीक्षण के काम में लगाया जाता है।
इंजन का रंग देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह किस तरह की ट्रेन चला रहा है या किस काम के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
अलग-अलग रंग रेलवे कर्मचारियों को इंजन की पहचान करने और संचालन को आसान बनाने में मदद करते हैं।
अब अगली बार ट्रेन देखें तो इंजन का रंग जरूर नोट करें!
लाल, नीला, सफेद या पीला, हर रंग अपने साथ एक अलग कहानी और जिम्मेदारी लेकर चलता है