रीता राय सागर
उनकी सुनने और सूंघने की क्षमता तेज होती है, इसलिए वे ऐसी आवाजों या गंध को पहचान लेते हैं, जिन्हें इंसान महसूस नहीं कर पाते हैं।
भूख, बेचैनी, साथी की तलाश या दूसरी बिल्लियों से संपर्क करना इसकी वजह हो सकती है। कई बार बिल्ली अपने इलाके को लेकर भी तेज आवाज निकालती है।
शकुन शास्त्र में रात में बिल्ली के रोने को अशुभ संकेत माना जाता है। हालांकि, ऐसी मान्यताएं हर जगह एक जैसी नहीं हैं।
कुछ प्रचलित धारणाएं इसे परेशानी या नुकसान से जोड़ती हैं। बिल्ली को भोजन या पानी की आवश्यकता होने पर वह तेज आवाज निकालती है।
कुत्ता किसी अनजान आवाज, गंध, हलचल या दूसरे जानवर की मौजूदगी पर भौंकता है। सुनसान माहौल में बहुत दूर से आने वाली हल्की सी आहट, जंगली जानवर की गंध या हवा की सरसराहट भी आसका कारण हो सकते हैं।
बिल्लियां कम रोशनी में इंसानों से बेहतर देखती हैं। उनकी सुनने की क्षमता भी संवेदनशील होती है, इसलिए वे छोटी-सी हलचल पर भी चौकन्नी हो जाती हैं।
बिल्लियां अक्सर शाम और सुबह के आसपास ज्यादा सक्रिय रहती हैं। आसपास दूसरे जानवरों की मौजूदगी, दिनचर्या और वातावरण भी उनके व्यवहार को प्रभावित करते हैं।
अगर पालतू बिल्ली अचानक लगातार आवाज निकालने लगे या बेचैन दिखे, तो उसकी जरूरतों और सेहत पर ध्यान दें। दर्द या व्यवहार में अचानक बदलाव पर नजर रखें।
बिल्ली का रोना या कुत्ते का भौंकना अपने आप में भूत या अनहोनी का संकेत नहीं है। जानवरों के व्यवहार की सामान्य वजहों पर भी ध्यान दें।