प्रीति शर्मा
हर साल 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जाता है।
यह दिन रक्तदान के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाते हैं।
रक्तदान खून ग्रहण करने वाले के लिए नहीं खून देने वाले के लिए भी फायदेमंद होता है।
नियमित रक्तदान से आयरन लेवल नियंत्रित रहता है जिससे दिल की बीमारी कम होती है।
शरीर में नई रक्त कोशिकाएं बनती हैं जिससे रक्त संचार बेहतर होता है।
एक बार रक्तदान करने से लगभग 650 कैलोरी तक बर्न होती हैं जो वजन कंट्रोल कर सकती है।
रक्तदाता की उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वजन कम से कम 50 किलो होना चाहिए।
हीमोग्लोबिन स्तर कम से कम 12.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर होना चाहिए तभी रक्तदान किया जा सकता है।