सिमरन सिंह
पानी देखकर तुरंत कार न उतारें! सबसे पहले अंदाजा लगाएं कि पानी कितना गहरा है। अगर गहराई समझ नहीं आ रही है, तो कार को पानी में ले जाने से बचना बेहतर है।
आगे की कार देखकर आंख बंद करके न चलें, दूसरे वाहन किस रास्ते से निकल रहे हैं, इससे सड़क का अंदाजा मिल सकता है। लेकिन उसी रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित मानना सही नहीं है।
जलभराव में एक्सीलेटर रखें कंट्रोल में रखें, अचानक तेज एक्सीलेटर दबाने से बचें। धीरे-धीरे और नियंत्रित गति से आगे बढ़ें। हल्का और लगातार एक्सीलेटर कार को स्थिर रखने में मदद कर सकता है।
जलभराव वाली सड़क पर तेज रफ्तार कार का नियंत्रण बिगाड़ सकती है। पानी की गहराई ज्यादा हो तो इंजन में पानी जाने का खतरा भी बढ़ सकता है।
आगे रास्ता साफ हो तो पहले एक्सीलेटर से पैर हटाकर धीरे-धीरे स्पीड कम करें। जरूरत पड़ने पर ही नियंत्रित तरीके से ब्रेक लगाएं।
पानी से बाहर निकलने के बाद कम गति पर हल्के ब्रेक लगाकर देखें कि ब्रेक सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। जरूरत महसूस हो तो सुरक्षित जगह पर रुककर जांच कराएं।
जब टायर और सड़क के बीच पानी की परत बन जाती है और पकड़ कम हो जाती है, तो इसे हाइड्रोप्लानिंग कहते हैं। कम स्पीड और अच्छे टायर इसका जोखिम घटाने में मदद करते हैं।
अगर जलभराव के बीच इंजन बंद हो जाए, तो बार-बार सेल्फ न लगाएं। इंजन के एयर-इनटेक तक पानी पहुंचने पर दोबारा स्टार्ट करने से गंभीर नुकसान हो सकता है।
कार को सुरक्षित जगह निकालने के लिए टो सर्विस या विशेषज्ञ की मदद लें। बारिश में कुछ मिनट की जल्दबाजी आपकी कार को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। सुरक्षित ड्राइव करें, स्पीड कम रखें और पानी की गहराई को नजरअंदाज न करें।