सिमरन सिंह
भारत के कई राज्यों में तापमान 45°C के पार पहुंच चुका है। ऐसे में धूप में खड़ी बंद कार के अंदर तापमान 60°C से 70°C तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि कार में रखी कुछ चीजें खतरनाक साबित हो सकती हैं।
लिथियम-आयन बैटरी तेज गर्मी में ओवरहीट हो सकती है। इससे बैटरी फूलना, खराब होना या ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। डैशबोर्ड पर रखा मोबाइल सबसे ज्यादा जोखिम भरा माना जाता है।
बहुत से लोग कार में लैपटॉप छोड़ देते हैं। लेकिन तेज गर्मी बैटरी और इंटरनल पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकती है। कई मामलों में शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।
प्लास्टिक की पारदर्शी बोतल सूरज की रोशनी को लेंस की तरह फोकस कर सकती है। इससे सीट या प्लास्टिक पार्ट्स पर ज्यादा गर्मी जमा हो सकती है। साथ ही गर्मी में प्लास्टिक के केमिकल पानी में मिल सकते हैं।
चश्मे के लेंस सूरज की किरणों को एक जगह फोकस कर सकते हैं। इससे गर्मी बढ़ सकती है और नुकसान हो सकता है। तेज तापमान में चश्मे का फ्रेम भी खराब या पिघल सकता है।
हैंड सैनिटाइजर में अल्कोहल होता है, जो काफी ज्वलनशील होता है। गर्मी में इसकी वजह से आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। इसे हमेशा ठंडी जगह पर रखें।
डिओडोरेंट और हेयर स्प्रे जैसे एयरोसोल कंटेनर प्रेशर गैस से भरे होते हैं। कार का तापमान बढ़ने पर ये फट भी सकते हैं। इसलिए इन्हें कार में छोड़ना सुरक्षित नहीं माना जाता।
लाइटर के अंदर ज्वलनशील गैस होती है। ज्यादा गर्मी में गैस का दबाव बढ़ सकता है और विस्फोट का खतरा पैदा हो सकता है। एक छोटी चिंगारी भी बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकती है।
कार पार्क में खतरनाक चीजें साथ ना ले जाएं, कार को सनशेड या छांव में पार्क करें, बच्चों और पालतू जानवरों को कार में न छोड़ें, खिड़कियां हल्की खुली रखें थोड़ी सी सावधानी आपकी कार को सुरक्षित रख सकती है