रीता राय सागर
गुजरात के प्रभास पाटण में स्थित सोमनाथ को भगवान शिव का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। मान्यता है कि चंद्रदेव ने यहां शिव की आराधना की थी।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग दक्षिणमुखी है। यहां होने वाली भस्म आरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
आंध्र प्रदेश के श्रीशैल पर्वत पर स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त उपासना का प्रमुख तीर्थ है।
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के तट पर स्थित ओंकारेश्वर मंदिर ओंकार पर्वत पर है। इसे आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित है। इसे प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था के लिए जाना जाता है।
महाराष्ट्र के नासिक के पास ब्रह्मगिरि पर्वत पर स्थित त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग अपनी विशेष त्रिदेव स्वरूप मान्यता के लिए प्रसिद्ध है।
गुजरात के द्वारका क्षेत्र में स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के नागों के स्वामी स्वरूप से जुड़ा माना जाता है। मंदिर परिसर में भगवान शिव की विशाल प्रतिमा भी आकर्षण का केंद्र है।
झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के प्रमुख तीर्थों में गिना जाता है। सावन के महीने में यहां विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिलता है।
तमिलनाडु के रामेश्वरम में स्थित रामनाथस्वामी मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि भगवान राम ने यहां शिवलिंग की पूजा की थी।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा तट के पास स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के सबसे प्रसिद्ध तीर्थों में से एक है। मान्यता है कि काशी स्वयं भगवान शिव को प्रिय है।
उत्तराखंड के हिमालय में स्थित केदारनाथ भगवान शिव के प्रमुख धामों में शामिल है। कठिन पर्वतीय यात्रा के बावजूद यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
महाराष्ट्र के वेरुल, यानी एलोरा के पास स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग 12 ज्योतिर्लिंगों में अंतिम माना जाता है। यह ऐतिहासिक एलोरा गुफाओं के बेहद करीब स्थित है।