आलोक उमाकृष्ण
ब्रश करते समय, शेविंग करते समय या बर्तन धोते समय नल खुला न छोड़ें। जरूरत के अनुसार ही पानी इस्तेमाल करें और काम पूरा होते ही नल बंद कर दें।
घर के नल, पाइप और फ्लश टैंक से पानी टपक रहा हो तो उसे नजरअंदाज न करें। छोटी-सी लीकेज भी लगातार पानी बर्बाद कर सकती है।
शॉवर के बजाय बाल्टी और मग से नहाने की आदत डालें। इससे जरूरत से ज्यादा पानी खर्च होने से बचाया जा सकता है।
पानी की टंकी भरने के बाद मोटर बंद कर दें। ऑटोमेटिक फ्लोट वाल्व या अलार्म लगाएं, ताकि पानी छत से बहकर बर्बाद न हो।
कार और बाइक धोने के लिए लगातार पाइप चलाने से बचें। बाल्टी, मग और कपड़े की मदद से सफाई करें, इससे पानी की खपत कम होगी।
RO से निकलने वाले वेस्ट वाटर को सीधे नाली में न बहाएं। इसे फर्श साफ करने, गाड़ी धोने या पौधों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, बशर्ते पानी की गुणवत्ता उस काम के लिए उपयुक्त हो।
घर की छत पर गिरने वाले बारिश के पानी को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जमा करें। इससे भूजल स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
कम कपड़ों के लिए बार-बार वॉशिंग मशीन न चलाएं। मशीन को उसकी क्षमता के अनुसार कपड़ों से भरकर चलाएं और जरूरत के हिसाब से वॉश मोड चुनें।
पौधों में दोपहर की तेज धूप के बजाय सुबह या शाम पानी डालें। पाइप से पानी बहाने के बजाय वाटरिंग कैन का इस्तेमाल करें।
सब्जियां और फल धोने के बाद बचा साफ पानी पौधों में डाल सकते हैं। घर में पानी के दोबारा इस्तेमाल की आदत बनाएं और दूसरों को भी जागरूक करें।