गोरक्ष पोफली
यह विदर्भ क्षेत्र का एक बेहद लोकप्रिय स्नैक है। बेसन की बाहरी परत के अंदर धनिया पत्ती और तीखे मसालों का मिश्रण भरकर इसे डीप-फ्राई किया जाता है।
अरबी के पत्तों पर बेसन, इमली और गुड़ का चटपटा पेस्ट लगाकर उन्हें रोल किया जाता है। फिर इन्हें भाप में पकाकर और कुरकुरा होने तक शैलो फ्राई किया जाता है।
कोंकण क्षेत्र का यह एक पारंपरिक और हल्का नाश्ता है। इसे केवल चावल के आटे, पानी और नमक के घोल से बिना तेल या बहुत कम तेल के लोहे के तवे पर बनाया जाता है।
कभी यह कम संसाधनों में बनने वाला भोजन था, लेकिन आज यह महाराष्ट्र का सबसे पसंदीदा कंफर्ट फूड है।
मराठवाड़ा क्षेत्र का यह एक बेहद पौष्टिक व्यंजन है। ज्वार, बाजरा, गेहूं और बेसन के आटे में प्याज, कटी हुई हरी मिर्च और ढेर सारा धनिया मिलाकर इसे तवे पर हाथ से थपथपाकर सेका जाता है।
कच्चे आम, नारियल और गोडा मसाला के साथ तैयार यह आमटी खट्टी, मीठी और तीखी स्वादों का बेहतरीन संतुलन है।
इसमें बेसन और मसालों के छोटे-छोटे गोले बनाकर उन्हें चावल के साथ पकाया जाता है। इसके ऊपर घी और कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल डालकर परोसा जाता है।
महाराष्ट्र के हर बड़े त्योहार की जान है पूरण पोली। चने की दाल और गुड़ के मीठे मिश्रण को गेहूं के आटे की लोई में भरकर पतली रोटी की तरह बेला और घी के साथ सेका जाता है।
खोया, सूजी, चीनी और इलायची के मिश्रण को मैदे की लोई में भरकर इसे घी में सेंका या फ्राई किया जाता है। यह मुंह में जाते ही घुल जाती है।
चावल के आटे की कलीदार बाहरी परत के अंदर गुड़ और ताजे कद्दूकस किए हुए नारियल का मिश्रण भरकर इसे भाप में पकाया जाता है।