ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 क्लोजिंग सेरेमनी (सोर्स- सोशल मीडिया)
ग्लासगो के ओवो हाइड्रो एरिना में रंग-बिरंगी रोशनियों और शानदार आतिशबाजी के साथ क्लोजिंग सेरेमनी की शुरुआत हुई। स्टेडियम का मुख्य स्टेज पूरी दुनिया के एथलीटों का स्वागत करने और 11 दिनों के इस शानदार खेल उत्सव को एक यादगार विदाई देने के लिए पूरी तरह सज चुका था।क्लोजिंग सेरेमनी के मौके पर ओवो हाइड्रो स्टेडियम के बाहरी हिस्से को बेहद खूबसूरत और चमचमाती रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। रात के अंधेरे में आसमान को छूती ये शानदार रोशनियां दूर-दूर तक ग्लासगो शहर की रौनक और इस ऐतिहासिक खेल महाकुंभ की कामयाबी की कहानी बयां कर रही थीं।क्लोजिंग सेरेमनी के मंच पर जब भारतीय कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति शुरू की, तो स्टेज पर लगी बड़ी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ 'अहमदाबाद 2030' का लोगो चमक उठा। भारतीय डांसर्स के दमदार डांस और स्टेज पर बरसती हुई असली आग की लपटों ने पूरे एरिना का माहौल बेहद रोमांचक और जादुई बना दिया।इस भव्य नजारे के जरिए भारत ने पूरी दुनिया के एथलीटों को साल 2030 में होने वाले अगले 100वें कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत आने का न्यौता दिया।भारत की मुख्य सिंगिंग परफॅार्मेंस मशहूर सिंगर-कंपोजर शंकर महादेवन ने दी। उन्होंने अपने बेटों, सिद्धार्थ महादेवन और शिवम महादेवन के साथ मिलकर जबरदस्त प्रस्तुति दी और 'सुनो गौर से दुनिया वालों', 'ऐ वतन', 'लहरा दो' और 'भाग मिल्खा भाग' जैसे मशहूर देशभक्ति और स्पोर्ट्स एंथम गाए। उनके साथ स्टेज पर मशहूर गुजराती प्लेबैक सिंगर भूमि त्रिवेदी भी शामिल हुईं, जिन्होंने गुजरात 2030 गेम्स का होस्ट राज्य को खास ट्रिब्यूट देते हुए गाना गाया।क्लोजिंग सेरेमनी के परेड ऑफ एथलीट्स में भारतीय खिलाड़ी और दल के सदस्य नीले रंग की आधिकारिक ब्लेजर पोशाक में हाथों में तिरंगा लहराते हुए पूरे जोश के साथ आगे बढ़े। सभी खिलाड़ियों के चेहरों पर 39 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल करने की खुशी और देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व साफ देखा जा सकता था।
क्लोजिंग सेरेमनी के सबसे बड़े और ऐतिहासिक पल में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा, ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने आधिकारिक कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा अपने हाथों में लिया। ग्लासगो से मिला ये आधिकारिक फ्लैग इस बात का प्रतीक है कि अब अगले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी का जिम्मा पूरी तरह से भारत के हाथों में आ चुका है।क्लोजिंग सेरेमनी के मुख्य मंच के पीछे लगी विशाल एलईडी स्क्रीन पर जब भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा डिजिटल रूप से लहराया, तो पूरा स्टेडियम देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया। स्क्रीन पर केसरिया, सफेद और हरे रंग की इस अद्भुत वेव के नीचे पूरी दुनिया से आए एथलीट और दर्शक एक साथ मिलकर जश्न मनाते हुए नजर आए।क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान पीटी उषा और गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के आला अधिकारियों के साथ मिलकर मेजबानी के आधिकारिक दस्तावेजों एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस जरूरी कागजी प्रक्रिया के पूरे होने के साथ ही साल 2030 में भारत के अहमदाबाद शहर में होने वाले सौवें 100th कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन पर आधिकारिक रूप से अंतिम मुहर लग गई।पूर्व मिस वर्ल्ड और अभिनेत्री मानुषी छिल्लर ने ग्लासगो के इस बड़े मंच पर पारंपरिक और आधुनिक भारतीय गानों पर एक बेहद खूबसूरत और शानदार डांस परफॉर्मेंस दी। भारतीय सेगमेंट के दौरान उनकी बेहतरीन प्रस्तुति, अद्भुत डांस स्टेप्स और ग्रेस ने स्टेडियम में मौजूद पूरी दुनिया के दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।क्लोजिंग सेरेमनी के मंच पर पारंपरिक भारतीय परिधान पहने डांसरों ने अपनी दिलकश क्लासिकल नृत्य कला से पूरी दुनिया का मन मोह लिया। बैकग्राउंड स्क्रीन पर भारत की प्राचीन धरोहर और नक्काशीदार मंदिरों की भव्य तस्वीरें इस बात का संदेश दे रही थीं कि भारतीय संस्कृति कितनी गहरी और समृद्ध है।