नवभारत विशेष

नहीं बढ़ेंगे खाद के दाम, किसान आंदोलन का असर

रंजन सिंह

किसानों के लंबे समय से चल रहे आंदोलन और कुछ माह बाद होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार लचीला रुख अपनाने पर विवश हुई है. किसानों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए सरकार ने फास्फेटिक और पोटाशिक खाद के दाम इस वर्ष नहीं बढ़ाने का फैसला किया और साथ ही इन दोनों उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ाने का भी निर्णय लिया. इन उर्वरकों पर 28,655 करोड़ रुपए की शुद्ध सब्सिडी देने का एलान किया गया. 

प्रति बैग 438 रुपए सब्सिडी बढ़ाने से किसानों को रबी फसल की बुवाई के लिए सस्ती कीमतों पर फर्टिलाइजर उपलब्ध हो सकेंगे. सरकार के ध्यान में यह बात आ गई कि अड़े रहकर किसानों को झुका पाना संभव नहीं है. यद्यपि प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर वह 3 कृषि कानून वापस नहीं ले रही है लेकिन कुछ अन्य उपायों से किसानों का दिल जीतना चाहती है. यह उसकी मजबूरी भी है.

मोदी कैबिनेट की बैठक में फास्फेटिक व पोटाशिक फर्टिलाइजर के लिए बड़ी सब्सिडी की घोषणा की गई थी. इसके बाद आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने पूरे वर्ष 2021-22 के लिए इस उर्वरक की बढ़ाई गई कीमतों को वापस लेने का फैसला लिया. फसलों की अच्छी पैदावार के लिए एनपीके खाद का इस्तेमाल किया जाता है जिससे फास्फेट और पोटाश पाया जाता है.

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