लिपोसक्शन एक ऐसी सर्जिकल प्रक्रिया है जिसके जरिए शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को बाहर निकाला जाता है। यह सर्जरी (Liposuction Surgery) शरीर के ऐसे हिस्से में जमा फैट को निकालने में मदद करती है जहां से फैट को व्यायाम या अन्य उपायों के जरिए कम नहीं किया जा सकता है। इनमें जांघ, पेट, गर्दन, चेहरा, छाती, कमर, बाहें और कूल्हे शामिल हैं। यह विशेषज्ञ द्वारा किया जाता है और इसमें शरीर के विभिन्न हिस्सों की सुरक्षा और तकनिकी जानकारी की आवश्यकता रहती है। पहले यह बडे शहरों में ही होती थी पर अब टीयर 2 शहरों में भी होने लगी है, एैसा एलेक्सिस हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जन डॉ सिद्धार्थ मैंदिरत्ता (Dr. Siddharth Mandiratta) ने बताया। उन्होंने बताया कि आमतौर पर इस सर्जरी को मोटापा कम करने के लिए जाना जाता है। इसे सेलिब्रिटी के साथ आम लोग भी अपना रहे हैं। हालांकि इसे वजन कम करने वाली सर्जरी से जोड़कर देखना गलत है।
सक्शन-असिस्टेड लिपोसक्शन, अल्ट्रासाउंड लिपोसक्शन (यू ए ए ल), लेजर-असिस्टेड लिपोसक्शन (एल ए ए ल), पावर-असिस्टेड लिपोसक्शन (पी ए ए ल)
यह सर्जरी शरीर के उन हिस्सों से अतिरिक्त फैट को हटाती है जहां से व्यायाम, योगा या अन्य उपायों के जरिए भी फैट कम नहीं किया जा सकता। इसका सही उपयोग करने से न केवल व्यक्ति की बाहरी खूबसूरती में सुधार होता है, बल्कि उनकी स्वस्थ्य स्थिति में भी उत्तरोत्तर परिवर्तन होता है।
लिपोसक्शन सर्जरी के दौरान डॉक्टर सबसे पहले पेशेंट की स्वास्थ्य स्थितियों की जांच करता है। यदि पेशेंट का वजन सर्जरी कराने के अनुकूल है तो डॉक्टर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं। धूम्रपान करने वाले और पूर्व में अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों को लिपोसक्शन सर्जरी कराने की सलाह विशेष सावधानी के साथ दी जाती है। इस सर्जरी के दौरान डॉक्टर सर्जरी वाली जगह पर 0।5 cm का चीरा लगाता है और इक पाइप के माध्यम से एक विशेष वैक्यूम मशीन से जुड़ी एक सक्शन ट्यूब को अंदर डाला जाता है। इसके जरिए अतिरिक्त चर्बी को बाहर खींचा जाता है। लिपोसक्शन सर्जरी के दौरान पेशेंट को आमतौर पर सामान्य एनेस्थेटिक दिया जाता है
लिपोसक्शन द्वारा खूबसूरती में सुधार होता है जिससे लोगो का आत्मविश्वाश भी बढ़ता है, शारीरिक स्वस्थ्य में सुधार होता है और उत्कृष्ट जीवनशैली जीने की प्रेरणा मिलती है। इससे लक्षित वसा कटौती भी होती है। लिपोसक्शन द्वारा गायनेकोमेस्टीआ भी ठीक किया जा सकता है। इसी के साथ इससे बॉडी कंटूरिंग और पोस्ट प्रेगनेंसी बॉडी कंटूरिंग भी किया जाता है।
फायदों के साथ इसके कुछ जोखिम भी है जैसे की इस सर्जरी से संक्रमण होने की सम्भावना भी होती है। इसके साथ अनियमित कंटूरिंग , तरलता, असंतुलन , संवेदना में परिवर्तन, आंतरिक अंगो में छेद इत्यादि की सम्भावना होती है। इसीलिए लिपोसक्शन शास्त्रक्रिया बोर्ड सर्टिफाइड प्लास्टिक सर्जन से ही करवानी चाहिए। सर्जरी से पहले सर्जन के शिक्षण और अनुभव के बारे में पता करे।
लिपोसक्शन सर्जरी में लगने वाला समय सर्जरी के एरिया पर निर्भर करता है। हालांकि अधिकांश मामलों में इसे एक घंटे से लेकर कुछ घंटो तक का समय लग सकता है।
पहले इससे मध्यम वर्ग के लोग दूर रहते थे। पर अब यह सब लोगो में सामन्य हो गया है। इसका खर्च इलाज के क्षेत्र और चर्बी की मात्रा के आधार पर तय किया जाता है। इसमें प्रयुक्त उपकरण, फीस, अस्पताल शुल्क और अन्य खर्चो को शामिल किया जाता है। एलेक्सिस हॉस्पिटल में महिने में 15-20 लिपोसक्शन सर्जरी होती है।
सर्जरी कराने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि यह सर्जरी व्यक्ति के लिए उचित है या नहीं, इसके बाद ही सर्जरी करानी चाहिए। यदि आप लिपोसक्शन कर रहे है, तो वास्तविक प्रत्याशाएं रखे और चिकित्सक से यह जान ले की इससे आप क्या प्राप्त कर सकते है और क्या नहीं।