गड़चिरोली. आलापल्ली वनविभाग के आलापल्ली वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले झिमेला गांव के जंगल से सागौन पेड़ों की अवैध तरीक से कटाई कर तस्करी होने की गोपनिय जानकारी मिलते ही वनविभाग के पथक ने छापामार कार्रवाई करते हुए सागौन तस्करी का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में वनविभाग के पथक ने सागौन, बैलगाड़ी और बैल समेत कुल 8 लाख 50 हजार रूपयों का माल जब्त किया है.
वनविभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के सागौन तस्करों पर में खलबली मच गयी है. उक्त कार्रवाई गड़चिरोली के मुख्य वनसंरक्षक डा. किशोर मानकर, आलापल्ली वनविभाग के उपवनसंरक्षक राहुलसिंह टोलिया, उपविभागीय वनाधिकारी नितेश देवगड़े के मार्गदर्शन में वनपरिक्षेत्राधिकारी योगेश शेरेकर, क्षेत्र सहायक मोहन भोयर, अनिल झाड़े, ऋषि तावाड़े, प्रकाश राजुरकर, वनरक्षक बालु मड़ावी, चंदु सडमेक, तुषार मड़ावी, संतोष चव्हाण, सचिन जांभुले, अविनाश कोडापे, दामोधर चिव्हाणे, दशरथ राठोड़, बंडी अलोणे समेत अन्य वनकर्मचारियों ने की है.
झिमेला जंगल से अवैध तरीके से सागौन पेड़ों की कटाई कर 6 बैलगाडी और 12 बैलों की सहायता से सागौन की तस्करी की जा रही थी. इस घटना की जानकारी मिलते ही वनविभाग की टिम ने तस्करों को चहुओर से घेर लिया. वहीं सागौन तस्करों को तस्करी करते हुए रंगेहाथ पकड़ा. इस कार्रवाई में वनविभाग के पथक ने 6 बैलगाड़ी और 12 बैलों समेत लाखों रूपये किमत का सागौन जब्त किया है.
सागौन तस्करी मामले में वनविभाग ने 12 तस्करों के खिलाफ वनकानून के तहत अपराध दर्ज किया है. जिनमेंं अहेरी तहसील के रायगट्टा गांव निवासी नारायण मलय्या चिरकला (50), राजन्ना पोचम जाकेवार (58), सुरेश दुर्गया आलमवार (26), समया लचमया निलमवार (25), संतोष नागुजी मोहुर्ले, नागेश व्यंकटी चिंतावार (60), श्रीकांत राजन्ना निलमकवार (25,)बापु गटु आलम (50), संतोष सत्यम गादे (35), मोहन शंकर कोलावार (25), तिरूपति भिमया चितावार (40) और नरेश व्यंकटी निलमवार (24) का समावेश है.
अहेरी उपविभाग में मूल्यवान सागौन है. इस क्षेत्र के सागौन की तस्करी कर तस्कर अहेरी उपविभाग से सटे तेलंगाना और छत्तीसगढ़ राज्य में सागौन की तस्करी करते है. ऐसे में झिमेला जंगल क्षेत्र से सागौन की तस्करी की जा रही थी. लेकिन वनविभाग ने सागौन तस्करी का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है. जिससे अहेरी उपविभाग के सागौन तस्करों में खलबली मची हुई है.