Sakoli Power Cut: भंडारा जिले के साकोली तहसील के किन्ही और एकोडी क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से जारी अघोषित बिजली कटौती से नाराज किसानों और नागरिकों ने महावितरण कार्यालय का घेराव कर कार्यकारी अभियंता को ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति तत्काल नियमित नहीं की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से तीव्र आंदोलन किया जाएगा। किसानों ने बताया कि पिछले पंद्रह दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना के बारबार बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। बारिश नहीं होने के कारण खेती पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर है।
किसानों ने कठिन परिश्रम से बुआई की है, लेकिन समय पर बिजली नहीं मिलने से फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। कुओं और बोरवेल में पानी उपलब्ध होने के बावजूद बिजली नहीं होने से कृषि पंप नहीं चल पा रहे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
बिजली कटौती का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारबार बिजली जाने से दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और छोटे व्यवसाय ठप पड़ने की स्थिति में हैं।
चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। यदि जनता का आक्रोश बढ़ता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित बिजली वितरण विभाग की होगी।
इस अवसर पर समय महेंद्र तुरकर, उपसरपंच सतीश हरिणखेड़े, सुरेश राखड़े, गुड्डू सोनवाने, राजेंद्र हरिणखेड़े, धनराज कावले, अनिल हटवार, योगराज हरिणखेड़े, अरविंद रहांगडाले, रमेश बनसकर, उमेश रहांगडाले, मदन हरिणखेड़े, अनुर्धन नेवारे सहित किन्ही क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान एवं युवा उपस्थित थे।
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बारिश के मौसम में रात के समय अंधेरा रहने से जहरीले सांप और अन्य सरीसृपों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे नागरिकों में भय का माहौल है। नागरिकों ने महावितरण की एसएमएस सूचना सेवा पर भी नाराजगी जताई।
उनका कहना है कि तकनीकी कार्य या बिजली बंद रहने की पूर्व सूचना मोबाइल पर दी जानी चाहिए, लेकिन किन्ही और एकोडी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को कोई सूचना नहीं मिलती। इससे लोगों में भ्रम और असंतोष बढ़ रहा है।