नाड़ी शोधन प्राणायाम करने के फायदे (सौ, डिजाइन फोटो) 
हेल्थ

मेंटल स्ट्रेस और थकावट को दूर करने के लिए रोजाना करें इस प्राणायाम का अभ्यास, मिलेंगे खास फायदे

Benefits of Nadi Shodhan Pranayam: नाड़ी शोधन प्राणायाम को लेकर आयुष मंत्रालय ने बताया कि, इस प्राणायाम को करने से शरीर की नाड़ियां साफ होती हैं, जिससे शरीर दिनभर एक्टिव बना रहता है।

दीपिका पाल

नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी ने हर किसी को बोझिल सा बना रख दिया है। अनियमित जीवनशैली औऱ खानपान नहीं सही होने की वजह से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसके साथ ही समय की कमी के कारण कई लोग व्यायाम भी सही तरीके से नहीं कर पाते है। अगर आप शरीर को पूरी तरह से स्वस्थ बनाने का प्रयास कर रही है तो आपके लिए आज हम नाड़ी शोधन प्राणायाम के बारे में जानकारी दे रहे है जो मेंटल स्ट्रेस से लेकर कई तरह की मानसिक समस्या को दूर करते है।

इसकी जानकारी आज ही आयुष मंत्रालय ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर नाड़ी शोधन प्राणायाम के बारे में विस्तार से बताया। मंत्रालय ने इसे एक ऐसा साधन बताया है जो शरीर, मन और आत्मा... तीनों को शांत करता है।

शरीर की नाड़ियां साफ करता है प्राणायाम

नाड़ी शोधन प्राणायाम को लेकर आयुष मंत्रालय ने बताया कि, इस प्राणायाम को करने से शरीर की नाड़ियां साफ होती हैं, जिससे शरीर दिनभर एक्टिव बना रहता है। बच्चों में जहां ये ऊर्जा पढ़ाई और खेल में ध्यान लगाने में मदद करती है, वहीं बड़ों को ये दफ्तर या घर के कामों में बेहतर फोकस करने में मदद देती है।

जानिए कैसे करते है प्राणायाम

इस प्राणायाम को करते समय एक नथुने से सांस ली जाती है और दूसरे से बाहर छोड़ी जाती है। यह अभ्यास बाएं और दाएं मस्तिष्क के बीच संतुलन बनाता है और व्यक्ति को अधिक केंद्रित और शांत बनाता है। यहां पर कोई इस प्राणायाम को करने की शुरुआत कर रहा है तो, उसे सांस लेने और छोड़ने की बराबर अवधि से शुरुआत करनी चाहिए, जैसे 4 सेकंड में सांस लेना और 4 सेकंड में छोड़ना। धीरे-धीरे जब अभ्यास में सहजता आने लगे, तो समय बढ़ाया जा सकता है। रोजाना 10-15 मिनट करने से मन शांत और शरीर स्वस्थ रहता है।

जानिए नाड़ी शोधन प्राणायाम नियमित करने के फायदे

अगर आप नियमित तौर पर नारी शोधन प्राणायाम करते है तो आपको कई तरह के फायदे मिलते है। इसकी जानकारी आपको नहीं होती है।

1-नाड़ी शोधन क्रिया को अपनाने से तनाव और चिंता का स्तर काफी कम हो जाता है। जब हम धीरे-धीरे सांस लेते और छोड़ते हैं, तो हमारे शरीर का नर्वस सिस्टम शांत हो जाता है। दिमाग में चल रही घबराहट या ओवरथिंकिंग रुक जाती है। इससे मन हल्का लगता है और चिंता दूर होने लगती है। नींद न आने की शिकायत वाले लोगों को भी इससे काफी राहत मिलती है।

2- नाड़ी शोधन का तरीका अपनाने से सोचने और महसूस करने की क्षमता में संतुलन लाता है। जो लोग भावनात्मक रूप से जल्दी परेशान हो जाते हैं या निर्णय लेने में उलझन महसूस करते हैं, उनके लिए यह प्राणायाम काफी मददगार हो सकता है।

3- अगर आप नाड़ी शोधन क्रिया करने से एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है। हम लगातार तेज सांसों की बजाय शांत और गहरी सांसें लेते हैं, तो हमारा दिमाग ज्यादा ऑक्सीजन पाता है। इससे सोचने और समझने की शक्ति बढ़ती है।

4- इस प्राणायाम को करने से स्कूली छात्रों को फायदा होता है वह परीक्षा के दौरान ज्यादा शोर की वजह से छात्रों को दिक्कत हो सकती है।

आईएएनएस के मुताबिक

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