वाशिंगटन : अमेरिका - इंडिया सीईओ प्लेटफॉर्म ने द्विपक्षीय बिजनेस और कॉमर्स का विस्तार करने के लिए, इकोनॉमिक ग्रोथ और इनोवेशन को बढ़ाने के लिए मजबूत पार्टनरशिप को बढ़ावा देने के अपने कमीटमेंट की बात को दोहराया है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारियों यानी सीईओ के इस प्लेटफॉर्म की सह-अध्यक्षता अमेरिकी कॉमर्स मंत्री जीना रायमोंडो और केंद्रीय कॉमर्स एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की। बुधवार को अमेरिका की राजधानी में इस कार्यक्रम के छठें सीजन को आयोजित किया गया था।
आपको बता दें कि यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो द्विपक्षीय कमर्शियल रिलेशन को मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच बिजनेस और इंवेस्टमेंट का विस्तार करने के उद्देश्य से ज्वाइंट सिफारिशें करने के लिए अमेरिका और भारत के बिजनेस वर्ल्ड के लोगों को एक साथ लाता है। लॉकहीड मार्टिन के सीईओ एवं अध्यक्ष जेम्स टेसलेट और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन 2023-2024 के लिए प्राइवेट सेक्टर के सह-अध्यक्ष हैं।
बैठक के दौरान, रायमोंडो और गोयल ने पिछले दो वर्षों में मंच के सदस्यों द्वारा की गई सिफारिशों और उनकी पहलों की सराहना भी की। गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘ भारत-अमेरिका सीईओ मंच में लंच पर अमेरिकी वाणिज्य मंत्री रायमोंडो के साथ एक सार्थक बैठक हुई। हमारी चर्चा डिफेंस, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम, एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और ग्रीन एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी तथा अनुसंधान व विकास सहयोग की संभावनाओं पर केंद्रित रही।''
उन्होंने कहा, ‘‘ हमने आपसी बढ़त को बढ़ावा देने के लिए भारत के आगामी 20 औद्योगिक शहरों में अमेरिकी निवेश के अवसरों पर भी चर्चा की।'' बैठक में मंच की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। अमेरिका और भारत के बीच समावेशी वृद्धि के लिए इनोवेशन और इंवेस्टमेंट व व्यापार के दोहन हेतु सार्वजनिक रूप से सुलभ नेटवर्क यानी एनआईएचआईटी प्लेटफॉर्म की शुरुआत भी की गई। इस मंच का मकसद अमेरिकी और भारतीय स्टार्टअप तथा छोटे व्यवसायों के बीच ऑनलाइन जानकारी साझा करना और संपर्क को सुविधाजनक बनाना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अनुसार, एनआईएचआईटी ने साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी तथा एआई क्षमता निर्माण व स्किल को बढ़ावा देने के लिए अब तक चार कार्यशालाओं का आयोजन किया है। इनमें 1,000 से अधिक स्टार्टअप, छोटे व्यवसायों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया। मंच के सदस्य 22 अमेरिकी कंपनियों और 25 भारतीय कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)